कहा गरीब और जरूरतमंद करेगें उपयोग तो मां की
आत्मा को मिलेगी शांति..
रायपुर 26
अप्रैल 2020/ कहते हैं अन्न दान से बड़ा
कोई पुण्य नहीं होता। खास मौके में दान का महत्व और भी बढ़ जाता है। ऐसा ही आज एक मौका
था, अक्षय तृतीया का। देवेंद्र नगर में रहने वाले
नवीन पाठक की मां स्वर्गीय श्रीमती प्रतिमा पाठक की आज बरसी थी। बेटे को याद है कि
जब मां जीवित थी तब वह आज के ही दिन अपने हाथों से अन्न, जल सहित अन्य सामग्रियों दान करती थी। अपनी
माँ की इस परंपरा को बेटे ने भी जारी रखा है। चूंकि अभी रायपुर शहर विश्वव्यापी कोरोना
महामारी के कारण पूरा शहर लॉकडॉऊन है, ऐसे में बेटे पता था कि शहर में ऐसे बहुत से
गरीब, बेसहारा और जरूरतमंद लोग
रुके हुए हैं जो किसी अन्य शहर के निवासी हैं। ऐसे लोग जिला प्रशासन के आश्रय
स्थलों में रह रहें है। नवीन पाठक को ऐसी कठिन परिस्थितियों की रायपुर कलेक्टर की
पहल पर संचालित घर बैठे दान देने के लिए डोनेशन ऑन व्हील्स की जानकारी थी। इसके
माध्यम से राशन के राहत पैकेट घर घर जा कर लिए जा रहे हैं ताकि यह जरूरमंदों को दिया
जा सके। आज अक्षय तृतीया में नवीन ने जरा भी देर नहीं की। अपनी माँ की बरसी को यादगार
बनाने और उनकी आत्मा को सुकून देने डोनेशन ऑन व्हील्स को फोन पर सूचना दे कर घर
बुलाया और अपनी पत्नी श्रीमती विनिता पाठक के साथ मिलकर 210 किलो आटे का दान किया।
पाठक परिवार की दान की इस भावना को कलेक्टर
डॉ एस. भारतीदासन ने सराहा
"डोनेशन ऑन
व्हील्स"कार्यक्रम को शहरवासियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। सभी अपने अपने
स्तर पर सहयोग कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस पहल में बड़ों के साथ बच्चे भी
भागीदार बन रहे हैं। इस अभियान का नेतृत्व कर रहे जिला प्रशासन आपातकालीन खानपान
व्यवस्था के नोडल अधिकारी व जिला पंचायत के सीईओ डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि एक ओर जहां बच्चे
अपने जन्मदिन को यादगार बनाने दान कर रहे है वही कुछ बच्चे गुल्लक में जमा किए
अपने पैसे भी दान दे रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने की गई लॉकडाऊन की कारण
संकट में फसे गरीबों, बेसहारों और जरूरतमंदों को
दान देकर पुण्य कमाने के इस घड़ी में सभी भागीदार बनना चाहते है। भारतीय संस्कृति
में अक्षय तृतीया दिन का अपना अलग ही
महत्व है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार मान्यता है कि इस दिन जो भी व्यक्ति किसी
प्रकार का दान करता है,वह अक्षय बना रहता है। श्री नवीन पाठक का
मानना है कि हमारे इस दान से माँ की आत्मा को जरूर शान्ति मिलेगी।

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