रायपुर, 25 अप्रैल 2020/ जिला प्रशासन के निर्देशन पर शुरू
किए गए फूड कंट्रोल सेल को एक माह पूरे हो गए हैं। कोरोना लॉकडाउन का आदेश आते ही
रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने अपने जिले के अफसरों को निर्देशित करते
हुए कहा था कि लॉकडाउन की वजह से प्रभावित हर जरूरतमंद व्यक्ति के लिए दो
वक्त के खान-पान की व्यवस्था तत्काल शुरू की जाए। इसे
पूरे शहर ने हाथों हाथ लिया और
25 मार्च से ही सामाजिक
संस्थाओं व स्वयं सेवी संस्थाओं की मदद से बूढ़ातालाब स्थित स्मार्ट सिटी कार्यालय
में फूड कंट्रोल सेल का संचालन शुरू किया। इस "फूड कंट्रोल सेल" की मदद
से 25 मार्च से ही जरूरतमंदों तक खाने का पैकेट
पहुंचना शुरू हुआ और आज तक लगभग 3 लाख से अधिक व्यक्तियों तक सुबह-शाम खाना
पहुंच चुका है। इस कार्य में लगभग 100 से अधिक सामाजिक और स्वयं सेवी संस्थाएं
शामिल हैं। इसमें 4 संस्थाएं ऐसी हैं जो हर
सुबह-शाम खाने का पैकेट "फ़ूड कंट्रोल सेल" को उपलब्ध करा रही हैं। 20
से अधिक अफसर और सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
लॉकडाउन के बाद जिला प्रशासन का निर्देश मिलते
ही रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के एम.डी. श्री सौरभ कुमार ने "फूड कंट्रोल
सेल" के संचालन के लिए स्मार्ट सिटी का कार्यालय उपलब्ध करा कर तत्काल इस
सेवा की शुरआत कर दी थी। रायपुर जिला पंचायत सीईओ डॉ. गौरव कुमार सिंह के नेतृत्व
में संचालित इस "फूड कंट्रोल सेल" के संचालन शुरू में कई टीमें जुटकर
दिन-रात मेहनत की व सभी जरूरतमंदो तक खाना पहुंचा रही हैं।
रायपुर जिला प्रशासन के खान-पान की व्यवस्था
का यह मॉडल न केवल राज्य या देश के लिए आईकॉन बना, बल्कि इसकी तारीफ देश-दुनिया के कई शहरों में
जमकर हो रही है। लॉकडाउन के इस दौर में जहां हर जरूरमंद व्यक्ति को इस
सेल के माध्यम से घर तक खाना पहुंचाया गया, वहीं एक सुव्यवस्थित रणनीति तैयार कर यहां के अफसरों
ने कोरोना के संक्रमण रोंकने में अहम भूमिका अदा की।



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